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अथर एनर्जी ने नया इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च किया, हीरो 1000+ करोड़ निवेश करेगा

July 18, 2026 3:02 PM

भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी का परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। 2023 के अंत तक देश के प्रमुख शहरों में इलेक्ट्रिक स्कूटर की मांग में दोगुना से भी अधिक वृद्धि देखी गई है। इस प्रवृत्ति के बीच बेंगलुरु स्थित स्टार्ट‑अप अथर एनर्जी ने नया मॉडल लॉन्च कर दिया है, जिसे हीरो मोटोकॉर्प और सरकार के संयुक्त निवेश से सशक्त बनाया गया है। इस कदम से भारतीय बाजार में प्रतिस्पर्धा को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

अथर एनर्जी ने अपने नवीनतम इलेक्ट्रिक स्कूटर को “इलेक्ट्रिक स्कूटर निवेश” की नई परिभाषा के साथ पेश किया है। यह मॉडल, जो अभी तक आधिकारिक रूप से नामित नहीं हुआ है, उन्नत बैटरी टेक्नोलॉजी, तेज चार्जिंग और स्मार्ट कनेक्टिविटी फीचर्स के साथ बाजार में अपनी जगह बनाने का वादा करता है। उसी समय, हीरो मोटोकॉर्प ने इस परियोजना में 1,000 करोड़ रुपये का निवेश करने की घोषणा की है, जबकि केंद्रीय सरकार ने 200 करोड़ रुपये का योगदान दिया है। कुल मिलाकर 1,200 करोड़ रुपये का निवेश, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को नई दिशा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस निवेश के साथ, अथर एनर्जी को उत्पादन क्षमता बढ़ाने, सप्लाई चेन को सुदृढ़ करने और ब्रांड की बाजार पहुँच को विस्तृत करने का अवसर मिलेगा। यह पहल भारत के ‘फास्ट एंड मॉड्यूलर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी’ (FAME) योजनाओं के अनुरूप है, जो इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग को प्रोत्साहित करने के लिए तैयार की गई है।

नया स्कूटर: मॉडल और तकनीकी विशेषताएँ

अथर के नवीनतम मॉडल में 72V, 10 kWh की बैटरी का उपयोग किया गया है, जो शहरी यात्रियों के लिए 100 किलोमीटर से अधिक की रेंज प्रदान करती है। चार्जिंग समय को 30 मिनट तक घटाने के लिए, स्कूटर में तेज चार्जिंग पोर्ट उपलब्ध है। इसके अलावा, एआई आधारित टेलिमेट्री, रियल‑टाइम ट्रैफ़िक डेटा और मोबाइल ऐप के माध्यम से रिमोट कंट्रोल जैसी सुविधाएँ भी शामिल हैं। यह मॉडल, पूर्ववर्ती 450X के मुकाबले 20 प्रतिशत अधिक पावर आउटपुट के साथ आता है।

उत्पादन के लिए बेंगलुरु के निकट एक नई फैक्ट्री का निर्माण किया जा रहा है, जिसे हीरो मोटोकॉर्प के साथ मिलकर चलाया जाएगा। यह फैक्ट्री 5,000 स्कूटर प्रति वर्ष की क्षमता के साथ शुरू होगी और भविष्य में इसे 15,000 तक बढ़ाया जाएगा।

इलेक्ट्रिक स्कूटर निवेश का पैमाना और साझेदारी

हीरो मोटोकॉर्प का 1,000 करोड़ रुपये का निवेश, अथर एनर्जी के लिए एक रणनीतिक कदम है। यह निवेश उत्पादन, R&D और विपणन में उपयोग होगा। सरकार का 200 करोड़ रुपये का योगदान, ‘इलेक्ट्रिक स्कूटर निवेश’ को और भी मजबूती देता है। यह फंडिंग, भारत सरकार की ‘इलेक्ट्रिक मोबिलिटी फंड’ के तहत आती है, जो 2025 तक 20,000 इलेक्ट्रिक स्कूटर के उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए बनाई गई है।

इसके अलावा, अथर एनर्जी ने पहले ही 1,300 करोड़ रुपये का QIP (Qualified Institutional Placement) फंडराइजिंग किया है, जिसे आठ गुना से अधिक निवेशकों ने स्वीकार किया है। यह निवेश, कंपनी की वित्तीय स्थिति को सुदृढ़ बनाता है और आगे के विस्तार के लिए आधार तैयार करता है।

सार्वजनिक प्रभाव और प्रतिस्पर्धा में बदलाव

इस निवेश से न केवल स्कूटर की कीमत में संभावित कमी आएगी, बल्कि उपभोक्ताओं को बेहतर बैटरी लाइफ और विश्वसनीय सर्विस नेटवर्क का लाभ भी मिलेगा। इसके साथ ही, रोजगार सृजन के क्षेत्र में भी 2,000 से अधिक नौकरियों का सृजन अपेक्षित है।

इलेक्ट्रिक स्कूटर के क्षेत्र में हीरो मोटोकॉर्प और अथर एनर्जी की साझेदारी, पारंपरिक ऑटोमोबाइल निर्माता और स्टार्ट‑अप के बीच एक नई सहजीवन मॉडल को दर्शाती है। यह मॉडल अन्य कंपनियों जैसे टाटा, बजाज, और टीवीएस को भी प्रेरित कर सकता है कि वे अपने स्वयं के निवेश योजनाओं को तेज़ करें।

नीति, चुनौतियाँ और भविष्य की दिशा

इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग के लिए सरकार की नीतिगत पहल, जैसे कि FAME II और ‘इलेक्ट्रिक वाहन बिक्री पर नीतिगत बाधाएँ’ को कम करने के प्रयास, इस निवेश को और भी महत्वपूर्ण बनाते हैं। इलेक्ट्रिक वाहन बिक्री पर नीतिगत बाधाएँ और लागत प्रभाव विषय पर उपलब्ध जानकारी से यह स्पष्ट है कि सरकार की सहायता योजनाएँ और कर रियायतें इस क्षेत्र को आगे बढ़ाने में प्रमुख भूमिका निभाती हैं।

भविष्य में, अथर एनर्जी और हीरो मोटोकॉर्प को उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 2026 तक 30,000 स्कूटर तक पहुँचाने की योजना है। इस विस्तार के साथ, वे भारत के प्रमुख शहरी केन्द्रों में ‘इलेक्ट्रिक स्कूटर निवेश’ को और भी व्यापक बनाने का लक्ष्य रख रहे हैं। इसके अतिरिक्त, बैटरी रीसाइक्लिंग और चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर के विकास पर भी काम जारी रहेगा।

इस निवेश के बाद, भारत के इलेक्ट्रिक मोबिलिटी सेक्टर में नयी प्रतिस्पर्धा की लहर दौड़ने की संभावना है। उपभोक्ताओं को बेहतर विकल्प, कम लागत और पर्यावरणीय लाभ मिलेगा। साथ ही, यह पहल नयी नौकरियों के सृजन और औद्योगिक विकास को भी प्रोत्साहित करेगी।

इस प्रकार, इलेक्ट्रिक स्कूटर निवेश का यह कदम भारत के हरित परिवहन के भविष्य को आकार देने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह न केवल उपभोक्ताओं के लिए बल्कि पूरे उद्योग के लिए एक नई दिशा तय करता है।

यह लेख विभिन्न स्रोतों से मिली जानकारी पर आधारित है।

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