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पीएम मोदी ने ब्रिक्स बिज़नेस काउंसिल को 10 व्यापार बाधाओं को हटाने, 100 स्टार्ट‑अप्स को समर्थन और 1,000 साझेदारियों की दिशा में कार्य करने का आह्वान किया

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September 13, 2026 9:07 PM
ब्रिक्स बिज़नेस काउंसिल

नई दिल्ली में 11 सितंबर 2026 को आयोजित ब्रिक्स बिज़नेस फ़ोरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रिक्स बिज़नेस काउंसिल को तीन मापनीय लक्ष्यों की दिशा में काम करने का आग्रह किया। इन लक्ष्यों में ब्रिक्स देशों के बीच शीर्ष 10 व्यापार बाधाओं की पहचान, हर साल 100 ब्रिक्स स्टार्ट‑अप्स को अन्य ब्रिक्स बाजारों में विस्तार के लिए समर्थन, और 1,000 नई व्यावसायिक साझेदारियों का निर्माण शामिल है। प्रधानमंत्री ने इन तीन बेंचमार्कों की प्रगति का वार्षिक मूल्यांकन भी माँगा।

ब्रिक्स बिज़नेस काउंसिल

भारी जनसंख्या और आर्थिक शक्ति के बावजूद ब्रिक्स देशों में सीमा‑पार व्यापार अभी भी कई नियामक, लॉजिस्टिक और बाजार‑प्रवेश संबंधी चुनौतियों से जूझ रहा है। मोदी ने बताया कि ब्रिक्स देशों की आबादी विश्व जनसंख्या का 50 % तथा वैश्विक जीडीपी का 40 % है, और ये वैश्विक व्यापार का 25 % से अधिक हिस्सा संभालते हैं। पिछले दो दशकों में इन देशों की संयुक्त जीडीपी लगभग 4.5 गुना बढ़ी है, जबकि वैश्विक औसत 2.5 गुना रहा है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि आर्थिक पैमाना स्वचालित रूप से व्यापार को आसान नहीं बनाता।

ब्रिक्स बिज़नेस काउंसिल के लिए तीन प्रमुख लक्ष्य

प्रधानमंत्री ने ब्रिक्स बिज़नेस काउंसिल को पहले लक्ष्य के रूप में “शीर्ष 10 व्यापार बाधाओं” की सूची तैयार करने का निर्देश दिया। यह रिपोर्ट उन नियामक, कस्टम, मानक और बौद्धिक संपदा संबंधी अड़चनों को उजागर करेगी जो कंपनियों को एक ब्रिक्स देश से दूसरे में प्रवेश करने से रोकती हैं। दूसरा लक्ष्य 100 ब्रिक्स स्टार्ट‑अप्स को हर साल समर्थन देना है, जिससे वे अपने उत्पाद या सेवा को अन्य ब्रिक्स बाजारों में सफलतापूर्वक स्थापित कर सकें। तीसरा लक्ष्य 1,000 नई व्यावसायिक साझेदारियों का सृजन है, जिससे छोटे और मध्यम उद्यमों को स्थानीय वितरण नेटवर्क, तकनीकी सहयोग और बाजार‑ज्ञान प्राप्त हो सके। इन तीनों बिंदुओं को वार्षिक समीक्षा के माध्यम से मापा जाएगा।

बाजार‑प्रवेश की दोहरी चुनौती

ब्रिक्स देशों की विशाल आर्थिक शक्ति के बावजूद, एक स्टार्ट‑अप के लिए नई बाजार में प्रवेश केवल पूंजी या तकनीक से नहीं, बल्कि नियामक अनुमोदन, स्थानीय अनुपालन, वितरण चैनल और साझेदारियों पर निर्भर करता है। मोदी ने कहा, “जैसे ब्रिक्स तीसरे दशक में प्रवेश कर रहा है, मैं ब्रिक्स बिज़नेस काउंसिल से अनुरोध करता हूँ कि वह शीर्ष 10 व्यापार बाधाओं को हटाने, 100 स्टार्ट‑अप्स को समर्थन देने और 1,000 साझेदारियों को विकसित करने के लिए एक ठोस योजना तैयार करे।” इस प्रकार, व्यापार बाधाओं को कम करना और स्टार्ट‑अप समर्थन को जोड़ना एक समग्र रणनीति बनता है, जो दोनों पक्षों—बाधा‑निवारण और बाजार‑प्रवेश—को समान रूप से सुदृढ़ करता है।

स्टार्ट‑अप समर्थन का मापनीय प्रभाव

स्टार्ट‑अप्स को केवल फंडिंग नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय विस्तार के लिए व्यावहारिक सहायता की आवश्यकता होती है। मोदी ने इस बात पर बल दिया कि 100 ब्रिक्स स्टार्ट‑अप्स का समर्थन तभी सार्थक होगा जब इन कंपनियों को वास्तविक बाजार में प्रवेश, ग्राहक प्राप्ति और स्थायी संचालन में मदद मिले। इस संदर्भ में, ब्रिक्स बिज़नेस काउंसिल को चयनित कंपनियों के प्रदर्शन को ट्रैक करना होगा, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि कितनी कंपनियों ने वास्तव में दूसरे ब्रिक्स देश में व्यावसायिक गतिविधि शुरू की है।

1,000 साझेदारियों की रणनीतिक महत्ता

व्यावसायिक साझेदारियाँ स्थानीय बाजार की समझ, वितरण नेटवर्क और तकनीकी सहयोग प्रदान करती हैं। 1,000 नई साझेदारियों का लक्ष्य इस बात को सुनिश्चित करता है कि स्टार्ट‑अप्स को स्थानीय कंपनियों के साथ मिलकर काम करने का मंच मिले। ऐसी साझेदारियाँ न केवल बाजार‑प्रवेश को तेज़ करती हैं, बल्कि दीर्घकालिक आर्थिक सहयोग को भी सुदृढ़ करती हैं।

व्यापार लचीलापन और वैश्विक शिपिंग सुरक्षा

प्रधानमंत्री ने वैश्विक व्यापार की निरंतरता के लिए समुद्री मार्गों की सुरक्षा, आपूर्ति श्रृंखला की खुली स्थिति और समुद्री कर्मियों की सुरक्षा को भी ज़रूरी बताया। उन्होंने कहा, “वैश्विक व्यापार तभी आगे बढ़ सकता है जब समुद्री मार्ग सुरक्षित हों, आपूर्ति श्रृंखलाएँ खुली रहें और नाविक सुरक्षित हों।” यह बयान दर्शाता है कि ब्रिक्स बिज़नेस काउंसिल को केवल नियामक बाधाओं को ही नहीं, बल्कि भौतिक व्यापार बुनियादी ढाँचे को भी मजबूत करना होगा।

भारत की व्यापक व्यापार नीति

भारत ने 2014 के बाद लगभग 40 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते किए हैं, और वह इसी मॉडल को ब्रिक्स के भीतर लागू करने का इरादा रखता है। मोदी ने कहा कि ब्रिक्स के भीतर भी समान मुक्त‑व्यापार दृष्टिकोण अपनाकर व्यापार बाधाओं को कम किया जा सकता है। इस प्रकार, ब्रिक्स बिज़नेस काउंसिल की पहल भारत की व्यापक आर्थिक कूटनीति के साथ संरेखित है, जो वैश्विक स्तर पर व्यापार को सुगम बनाने के लिए कई द्विपक्षीय और बहुपक्षीय समझौतों को सक्रिय कर रही है।

कार्यान्वयन की चुनौतियाँ और संभावित प्रभाव

ब्रिक्स बिज़नेस काउंसिल के सामने मुख्य चुनौती योजना को वास्तविक कार्य में बदलना है। शीर्ष 10 व्यापार बाधाओं की पहचान करने के बाद, उन बाधाओं को हटाने के लिए नीति‑निर्माताओं, नियामक संस्थाओं और निजी क्षेत्र के बीच समन्वय आवश्यक होगा। इसी तरह, 100 स्टार्ट‑अप्स को समर्थन देने के लिए फंडिंग, मेंटरशिप, बाजार‑डेटा और नेटवर्किंग प्लेटफ़ॉर्म की व्यवस्था करनी होगी। 1,000 साझेदारियों को साकार करने के लिए दोनों पक्षों के बीच स्पष्ट समझौते, कानूनी ढाँचा और निरंतर निगरानी आवश्यक होगी।

यदि ये लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल हो जाते हैं, तो ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार प्रवाह में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है। कम बाधाएँ, अधिक स्टार्ट‑अप्स का अंतर‑देशीय विस्तार, और मजबूत साझेदारियाँ मिलकर ब्रिक्स को वैश्विक आर्थिक मंच पर अधिक प्रभावशाली बना सकती हैं। वार्षिक समीक्षा के माध्यम से प्रगति को मापना इस प्रक्रिया को पारदर्शी और उत्तरदायी बनाएगा।

भविष्य की दिशा

प्रधानमंत्री ने अंत में कहा, “आइए हम ब्रिक्स की महत्वाकांक्षा को कार्रवाई में बदलें और हमारी सामूहिक शक्ति को वैश्विक समाधान में परिवर्तित करें।” यह आह्वान ब्रिक्स बिज़नेस काउंसिल को स्पष्ट दिशा देता है: व्यापार बाधाओं को हटाना, स्टार्ट‑अप समर्थन को सुदृढ़ करना, और साझेदारियों को बढ़ावा देना। इन तीन बिंदुओं की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि ब्रिक्स बिज़नेस काउंसिल कैसे इन लक्ष्यों को ठोस नीतियों, प्रभावी कार्यान्वयन और निरंतर निगरानी के साथ जोड़ती है।

संक्षेप में, ब्रिक्स बिज़नेस काउंसिल के सामने अब एक स्पष्ट रोडमैप है—शीर्ष 10 व्यापार बाधाओं की पहचान, हर साल 100 स्टार्ट‑अप्स का समर्थन, और 1,000 नई व्यावसायिक साझेदारियों का सृजन। इन पहलों का वार्षिक मूल्यांकन यह तय करेगा कि ब्रिक्स आर्थिक शक्ति को वास्तविक बाजार‑प्रवेश और व्यापार‑लचीलापन में कैसे परिवर्तित कर सकता है। यह प्रक्रिया न केवल ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार को बढ़ाएगी, बल्कि वैश्विक आर्थिक स्थिरता और विकास में भी योगदान देगी।

Source: पीएम मोदी ने ब्रिक्स बिज़नेस काउंसिल को 10 व्यापार बाधाओं को हटाने, 100 स्टार्ट‑अप्स को सम

Image Credit: img-cdn.publive.online

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