BRICS Delhi Declaration: Key Updates
BRICS Delhi Declaration — नई दिल्ली, 12 सितंबर 2026 – भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BRICS दिल्ली घोषणा के अंगीकरण के बाद यह स्पष्ट किया कि “नई विश्व व्यवस्था पुराने नियमों से नहीं बनाई जा सकती।” यह बयान उसी दिन दिया गया जब भारत ने दो विशेष डाक टिकट जारी किए, जो BRICS दिल्ली घोषणा 2026 के अंगीकरण को स्मरण करते हैं।

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BRICS दिल्ली घोषणा के प्रमुख बिंदु
BRICS दिल्ली घोषणा में चार प्रमुख मुद्दों पर स्पष्ट रुख अपनाया गया। सबसे पहले, इसने 22 अप्रैल 2025 को जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की और “शून्य सहनशीलता” के साथ आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष की प्रतिबद्धता दोहराई। दूसरे, इसने वैश्विक शासन व्यवस्था में व्यापक सुधार की माँग की, विशेषकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में विकासशील देशों और वैश्विक दक्षिण को अधिक आवाज़ देने की। तीसरे, इसने आर्थिक समावेशन और सतत विकास के लिए BRICS देशों के बीच सहयोग को बढ़ावा देने पर ज़ोर दिया। चौथे, इसने जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा सुरक्षा पर संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
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प्रधानमंत्री मोदी का वक्तव्य
भाषण के दौरान, पीएम मोदी ने कहा, “नई विश्व व्यवस्था को पुराने नियमों से नहीं बनाया जा सकता। हमें नई चुनौतियों के लिए नई नीतियों और नए ढाँचों की आवश्यकता है।” उन्होंने यह भी जोड़ा कि भारत BRICS के माध्यम से वैश्विक दक्षिण के हितों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। मोदी ने विशेष रूप से पाहरगाम हमले की निंदा करते हुए कहा कि “आतंकवाद के खिलाफ शून्य सहनशीलता” भारत की नीति का आधार है।
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डाक टिकटों का प्रतीकात्मक महत्व
भारत सरकार ने दो विशेष डाक टिकट जारी किए, जिन पर BRICS दिल्ली घोषणा के प्रमुख प्रतीक अंकित हैं। ये टिकट न केवल घोषणा के अंगीकरण को स्मरण करते हैं, बल्कि भारत की अंतरराष्ट्रीय मंच पर सक्रिय भूमिका को भी दर्शाते हैं। डाक टिकटों के साथ एक स्मारक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, जिसमें BRICS के अन्य सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया।
आगे की स्थिति BRICS Delhi Declaration से जुड़े अगले आधिकारिक अपडेट पर निर्भर करेगी।
वैश्विक संदर्भ: ज़ेलेंस्की और पुतिन की संभावित मुलाकात
हालांकि मुख्य फोकस BRICS दिल्ली घोषणा पर है, उसी समय वैश्विक स्तर पर यूक्रेन और रूस के बीच तनाव बढ़ रहा है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की की संभावित मुलाकात, जो G20 शिखर सम्मेलन में मियामी में हो सकती है, इस क्षेत्रीय तनाव को और जटिल बना रही है। ज़ेलेंस्की ने कहा कि “परिणाम शब्दों से अधिक महत्वपूर्ण हैं।” यह घटना BRICS के वैश्विक शासन पर चर्चा के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।
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BRICS दिल्ली घोषणा का भारत पर प्रभाव
भारत के लिए BRICS दिल्ली घोषणा का रणनीतिक महत्व स्पष्ट है। घोषणा में पाहरगाम हमले की निंदा और आतंकवाद के खिलाफ शून्य सहनशीलता की नीति, भारत की घरेलू सुरक्षा नीतियों के साथ मेल खाती है। इसके अलावा, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में विकासशील देशों की भूमिका बढ़ाने के प्रस्ताव से भारत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर अधिक प्रभाव प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। आर्थिक सहयोग के क्षेत्र में, BRICS देशों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा देने से भारतीय उद्योगों को नई संभावनाएँ मिलेंगी।
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अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएँ
BRICS के अन्य सदस्य देशों ने भी घोषणा के प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने घोषणा को “वैश्विक दक्षिण के लिए एक ऐतिहासिक कदम” कहा। ब्राजील के राष्ट्रपति ने भी भारत के साथ मिलकर आतंकवाद विरोधी प्रयासों को सुदृढ़ करने की बात कही। यह दर्शाता है कि BRICS दिल्ली घोषणा ने वैश्विक दक्षिण के देशों के बीच सहयोग की भावना को बढ़ावा दिया है।
भविष्य की दिशा
BRICS दिल्ली घोषणा के अंगीकरण के साथ, BRICS समूह को नई वैश्विक चुनौतियों का सामना करने के लिए एक नया ढाँचा तैयार करने का अवसर मिला है। घोषणा में उल्लिखित यूएन सुधार के प्रस्ताव से वैश्विक शासन में अधिक समावेशिता आएगी। इसके अलावा, आतंकवाद विरोधी और जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त प्रयासों से वैश्विक स्थिरता में योगदान मिलेगा। भारत इस प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए तैयार है।
निष्कर्ष
PM मोदी के वक्तव्य और BRICS दिल्ली घोषणा के अंगीकरण ने यह स्पष्ट किया कि “नई विश्व व्यवस्था पुराने नियमों से नहीं बनाई जा सकती।” यह घोषणा वैश्विक शासन, आतंकवाद विरोधी प्रयासों और आर्थिक समावेशन के क्षेत्र में एक नया मार्ग प्रशस्त करती है। भारत और BRICS के अन्य सदस्य देशों के बीच सहयोग से वैश्विक दक्षिण के हितों को मजबूती मिलेगी और विश्व व्यवस्था में अधिक संतुलन स्थापित होगा।
Source: भारत का नया विश्व व्यवस्था पर दृष्टिकोण: पीएम मोदी ने BRICS दिल्ली घोषणा के बाद कहा, “पुरा
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