विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने नई रिपोर्ट में चेतावनी दी है कि गर्मियों में स्वास्थ्य जोखिमों का जोखिम तेज़ी से बढ़ रहा है, जिसमें हीट स्ट्रोक, हृदय रोग और श्वसन संबंधी समस्याएं प्रमुख हैं। अध्ययन के अनुसार, आगामी गर्मियों में इन जोखिमों में महत्वपूर्ण वृद्धि होने की संभावना है, इसलिए सर्दियों के बाद के महीनों में सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों को मजबूत करना आवश्यक है।
रिपोर्ट के मुख्य निष्कर्ष
WHO की रिपोर्ट में पाँच प्रमुख बिंदुओं को उजागर किया गया है:
- गर्मियों में हीट स्ट्रोक के मामलों में 30 % तक की वृद्धि की संभावना।
- हृदय रोगों का जोखिम 25 % तक बढ़ सकता है, विशेषकर वृद्ध और पूर्व-रोगी लोगों में।
- श्वसन समस्याओं, जैसे अस्थमा और क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिज़ीज (COPD), का प्रादुर्भाव गर्मी के उच्च स्तर से सूचित है।
- शहरी क्षेत्रों में तापमान वृद्धि के कारण “हिट वेव” की आवृत्ति बढ़ रही है।
- धूप, उच्च आर्द्रता और वायु प्रदूषण के संयोजन से जोखिम गंभीर रूप से बढ़ते हैं।
हीट स्ट्रोक से बचाव के उपाय
हीट स्ट्रोक सबसे अधिक जोखिम वाली स्थितियों में से एक है, विशेषकर उन लोगों के लिए जो बाहरी काम करते हैं या शारीरिक श्रम में लगे होते हैं। WHO के विशेषज्ञों ने कुछ सरल लेकिन प्रभावी उपायों की सिफारिश की है:
- दोपहर से पहले और देर शाम को बाहर रहने को सीमित करें।
- धूप में रहने पर हेल्मेट, टोपी और हल्के रंग के कपड़े पहनें।
- शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए नियमित रूप से पानी पिएँ, लेकिन बहुत अधिक मीठे या एाल्कोहलिक पेय से बचें।
- यदि किसी को चक्कर, उलझन या अत्यधिक पसीना आ रहा हो तो तुरंत छायादार स्थान पर जाएँ और ठंडा पानी लगाएँ।
हृदय रोगियों के लिए विशेष सावधानियां
गर्मियों में हृदय रोगियों को विशेष ध्यान देना आवश्यक है, क्योंकि वृहद तापमान में रक्त परिसंचरण पर दबाव बढ़ता है। WHO ने निम्नलिखित उपाय सुझाए हैं:
- डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाओं की खुराक में कोई भी बदलाव न करें, जब तक कि वह विशेष रूप से नहीं कहे।
- तरल पदार्थों का सेवन बढ़ाएँ, परन्तु अत्यधिक नमक या कॉफ़ी के सेवन से बचें।
- नियमित रूप से रक्तचाप और हृदय गति की जाँच करें।
- मध्यम व्यायाम का चयन करें, जैसे सुबह के समय हल्की सैर, जिससे शरीर को गर्मी से बचाया जा सके।
श्वसन समस्याओं का प्रबंधन
गर्मियों में धूल, परागकण और वायु प्रदूषण की मात्रा बढ़ती है, जिससे श्वसन रोगियों को अधिक कठिनाइयाँ होती हैं। WHO ने श्वसन समस्याओं के प्रबंधन के लिए निम्नलिखित निर्देश जारी किए हैं:
- घर के अंदर वेंटिलेशन के लिए एसी या एयर प्यूरीफायर का उपयोग करें।
- बाहरी कार्य करते समय मास्क पहनें, विशेषकर अगर आप अस्थमा या COPD से ग्रस्त हैं।
- आर्द्रता को नियंत्रित रखने के लिए डीह्यूमिडिफायर या नमी घटाने वाले उपकरणों का उपयोग करें।
- सहज श्वास तकनीकें सीखें, जैसे डायाफ्रैग्मैटिक ब्रीदिंग, जो फेफड़ों पर दबाव को कम करता है।
सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए सरकारी कदम
रिपोर्ट में बताया गया है कि सरकारों को गर्मियों में स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने के लिए कई स्तरों पर कार्य करना चाहिए। प्रमुख सिफ़ारिशें इस प्रकार हैं:
- शहरी क्षेत्रों में हरी-भरी जगहों का विस्तार और थंडा वातावरण बनाने के लिए जल निकायों की संख्या बढ़ाएँ।
- सार्वजनिक स्थानों पर जल उपलब्धता सुनिश्चित करें और “कोल्ड वॉटर स्टेशन्स” स्थापित करें।
- गर्मियों में स्वास्थ्य चेतावनी जारी करने के लिए मोबाइल एप्लिकेशन और सोशल मीडिया का उपयोग करें।
- रोकथाम के लिए स्कूल, कार्यस्थल और सामुदायिक केंद्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करें।
नागरिकों के लिए व्यक्तिगत तैयारी गाइड
गर्मियों में स्वास्थ्य जोखिमों से निपटने के लिये व्यक्तिगत तैयारी आवश्यक है। WHO ने निम्नलिखित कदमों को प्राथमिकता दी है:
- घर में पर्याप्त जल भंडारण रखें, कम से कम प्रत्येक व्यक्ति के लिए 2‑3 लीटर पानी प्रतिदिन।
- समय‑समय पर स्थानीय मौसम रिपोर्ट और स्वास्थ्य चेतावनियों पर नज़र रखें।
- यदि आप किसी उच्च जोखिम समूह में आते हैं, तो आपातकालीन संपर्कों की सूची तैयार रखें।
- बच्चों और बुजुर्गों को अनिवार्य रूप से ठंडे स्थानों में रखें और उनका सर्वेक्षण नियमित रूप से करें।
WHO की यह रिपोर्ट गर्मियों में स्वास्थ्य जोखिमों के बढ़ते जोखिम को स्पष्ट रूप से दर्शाती है और बताती है कि समय पर उचित कदम उठाने से इन खतरों को काफी हद तक घटाया जा सकता है। सरकारी एजेंसियों, स्वास्थ्य संस्थानों और आम जनता को एकजुट होकर इन उपायों को लागू करना चाहिए, ताकि गर्मियों के मौसम में जनस्वास्थ्य सुरक्षित और स्वस्थ रहे।
यह लेख विभिन्न स्रोतों से मिली जानकारी पर आधारित है।










