---Advertisement---

TCS के CEO ने कहा, 2030 तक भारतीय आईटी उद्योग ‘मृत’ हो सकता है

April 13, 2026 3:35 PM

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के CEO के. कृष्णीवासन ने हाल ही में कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के तेज़ी से विकास के कारण 2030 तक भारतीय आईटी उद्योग “मृत” हो सकता है, जिससे इस सेक्टर के भविष्य को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है। इस बयान ने उद्योग के भीतर और बाहर दोनों ही जगह गहरी चिंताएँ उत्पन्न कर दी हैं।

TCS CEO की चेतावनी: 2030 में भारतीय आईटी उद्योग “मृत”?

कृष्णीवासन ने एक इंटरव्यू में कहा, “AI की लहर में कई पारंपरिक आईटी सेवाएँ स्वचालित हो जाएँगी, और अगर हम इस बदलाव के लिए तैयार नहीं हैं तो 2030 तक हमारा उद्योग लगभग अस्तित्वहीन हो सकता है।” उन्होंने यह भी बताया कि कई कार्यों का स्वचालन पहले ही शुरू हो चुका है और यह प्रक्रिया अगले दशक में तेज़ी से बढ़ेगी।

AI के उदय से कार्यस्थल में बदलाव

कृत्रिम बुद्धिमत्ता ने कोडिंग, टेस्टिंग, डेटा एनालिटिक्स और ग्राहक समर्थन जैसे क्षेत्रों में पहले ही बड़े पैमाने पर बदलाव लाए हैं। कंपनियां अब AI‑संचालित प्लेटफ़ॉर्म का उपयोग करके तेज़ी से एप्लिकेशन विकसित कर रही हैं, जिससे मानवीय श्रम की आवश्यकता घट रही है।

  • कोड जनरेशन टूल्स जैसे GitHub Copilot और CodeWhisperer ने डेवलपर्स की उत्पादकता को 30‑40% तक बढ़ा दिया है।
  • कस्टमर सर्विस चैटबॉट्स ने 24/7 समर्थन प्रदान कर, मानवीय एजेंटों की आवश्यकता को कम किया है।
  • डेटा प्रोसेसिंग और एनालिटिक्स में AI ने रीयल‑टाइम इनसाइट्स प्रदान करके निर्णय‑लेने की गति बढ़ाई है।

इन बदलावों के कारण कई पारंपरिक आईटी नौकरियों की मांग घट रही है, जबकि AI विशेषज्ञ, डेटा साइंटिस्ट और क्लाउड आर्किटेक्ट जैसी नई भूमिकाओं की आवश्यकता बढ़ रही है।

उद्योग विशेषज्ञों की प्रतिक्रिया

कई उद्योग विश्लेषकों ने इस चेतावनी को “सावधानीपूर्ण संकेत” के रूप में देखा है। आईटी कंसल्टेंसी फर्म Accenture के एक वरिष्ठ पार्टनर ने कहा, “AI का प्रभाव नकारा नहीं जा सकता, लेकिन इसे ‘मृत’ शब्द से नहीं, बल्कि ‘परिवर्तनशील’ कहा जाना चाहिए। कंपनियों को नई तकनीकों को अपनाने और कर्मचारियों को अपस्किल करने की जरूरत है।”

दूसरी ओर, NASSCOM के अध्यक्ष ने कहा, “भारत की बड़ी ताकत अभी भी सॉफ्ट स्किल्स, अंग्रेज़ी दक्षता और लागत‑प्रभावी सेवाएँ हैं। यदि हम इन क्षमताओं को AI के साथ मिलाकर नई सेवाएँ पेश करें तो हम वैश्विक प्रतिस्पर्धा में आगे रह सकते हैं।”

संभावित जोखिम और चुनौतियां

AI‑ड्रिवन परिवर्तन के साथ कई जोखिम भी जुड़े हुए हैं:

  • रोज़गार विस्थापन: मध्य‑स्तर के डेवलपर्स और टेस्ट इंजीनियर्स को नौकरी से बाहर निकाला जा सकता है।
  • डेटा सुरक्षा और नैतिकता: AI मॉडल में बायस और डेटा लीक के जोखिम बढ़ते हैं, जिससे नियामक चुनौतियां उत्पन्न होती हैं।
  • कौशल अंतराल: नई तकनीकों को अपनाने के लिए मौजूदा कार्यबल को अपस्किल करना आवश्यक है, परंतु प्रशिक्षण की गति अक्सर मांग से धीमी रहती है।
  • भौगोलिक असमानता: छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर की कमी से AI अपनाने में बाधा आ सकती है।

कंपनियों के लिए रणनीतिक विकल्प

इन चुनौतियों को कम करने के लिए भारतीय आईटी कंपनियों को कई रणनीतिक कदम उठाने चाहिए:

  • अपस्किलिंग प्रोग्राम: AI, मशीन लर्निंग और क्लाउड तकनीकों में कर्मचारियों को निरंतर प्रशिक्षण देना।
  • हाइब्रिड मॉडल अपनाना: मानव विशेषज्ञता को AI के साथ मिलाकर कस्टम समाधान प्रदान करना।
  • नवाचार केंद्र स्थापित करना: रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) में निवेश बढ़ाकर नई प्रौद्योगिकियों को जल्दी अपनाना।
  • साझेदारी और इकोसिस्टम निर्माण: स्टार्टअप्स, अकादमिक संस्थानों और सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर इकोसिस्टम बनाना।
  • डेटा गवर्नेंस: डेटा सुरक्षा, प्राइवेसी और एथिकल AI के लिए मजबूत नीतियां तैयार करना।

इन उपायों से कंपनियां न केवल AI के प्रभाव को संभाल पाएंगी, बल्कि नई बाजार संभावनाओं को भी पकड़ सकेंगी।

भविष्य की दिशा और नीति संकेत

सरकार भी इस बदलाव को देखते हुए कई पहल कर रही है। राष्ट्रीय डिजिटल नीति 2025 में AI के लिए विशेष फंड, स्किल विकास कार्यक्रम और स्टार्टअप इन्क्यूबेशन को प्रमुखता दी गई है। इसके अलावा, ‘AI for All’ पहल के तहत छोटे और मध्यम उद्यमों (SMEs) को AI समाधान अपनाने के लिए सब्सिडी प्रदान की जाएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नीति निर्माताओं, उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग बढ़े, तो 2030 तक “मृत” शब्द की जगह “पुनर्जन्म” शब्द अधिक उपयुक्त रहेगा।

अंत में, TCS CEO के इस बयान ने भारतीय आईटी उद्योग को एक गंभीर चेतावनी दी है, लेकिन साथ ही यह अवसर भी प्रस्तुत करता है कि कैसे हम AI‑ड्रिवन भविष्य के लिए तैयार हो सकते हैं। उद्योग के सभी हितधारकों को मिलकर इस परिवर्तन को सकारात्मक दिशा में ले जाना आवश्यक है।

यह लेख विभिन्न स्रोतों से मिली जानकारी पर आधारित है।

Shekhar Sharma

My Name is Shekhar Sharma i am a Hindi digital News Writer and Blogger and content creator specializing in technology, automobile, entertainment, and trending news coverage. With experience in SEO news publishing and digital media reporting, he focuses on delivering fast, informative, and reader-friendly content for Indian audiences.At News Daily Hai.

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment